जयपुर, राजस्थान,
शेखावत मेनसन,
पूरे शेखावत मेनसन मे चहलपहल हो रही थी। अमर शेखावत जयपुर के नामी लोगों में से एक है। उनके परिवार की जयपुर में काफी इज़्ज़त है। लोग उनका काफी सम्मान और आदर करते है। और आज उनके बेटे शौर्य की सगाई हरजीत अरोरा की बेटी माही अरोरा के साथ होने जा रही थी। पूरे मेनसन को सजाया हुआ था। और एसा लग रहा था जेसे सगाई नहीं पर कोई बहुत बडा त्यौहार हो।
मेनसन में सगाई की तैयारियां काफी अच्छे से चल रही थी। वहीं एक लडकी अपने हाथो मे गुलाब की पत्तियों का थाल लेकर जा रही थी । उसने स्काई ब्लू कलर का लेहंगा पहना हुआ था। चेहरे पर हल्का मेकअप और खुले लंबे काले बाल जो कि हवा में लहरा रहे थे। उसका एक हाथ थाल पर था और दुसरे हाथ से अपना लेहंगा संभालती हुई सीढयो से तेजी से नीचे उतर रही थी। वो सीढय़ां उतर कर थोडा आगे गई ही थी की तभी वो कसी से टकरा गई। और टकरा ने की वजह से वो गिर गई और गुलाब की सारी पत्तियों हवा मे लहराते हुए उस पर गर गई।
उसने सर उठा कर अपनी डार्क ब्राउन आइस से ऊपर देखा तो वहा पर एक लड़का नेवी ब्लू कलर की शेरवानी मे खड़ा था। उसने उस लडकी के पास बेठते हुए अपना हाथ आगे करते हुए concern भरी आवाज़ मे उससे पुछा," निर तुम...ठीक हो ना..तुम्हें लगी तो नही?"
नीर उस लडके का हाथ पकड कर खडी हो गई और अपने बालो मे से गुलाब की पत्तियों हटाते हुए बोली," relax शौर्य भाई में बिलकुल ठीक हुँ।आपको इतना परेशान होने की ज़रूरत नही है।"
शौर्य ने नीर से कहा," मेने कतनी बार कहा है तुमसे की देख कर चला करो पर नही तुम्हें तो अपनी मनमानी ही करनी है।" उसने थोडा नाराज होते हुए कहा।
नीर ने शौर्य से कहा," सॉरी ना भाई।"
शौर्य ने कोई जवाब नहीं दिया और अपना चेहरा दुसरी तरफ कर दया। नीर ने फिर उसकी तरफ प्यार से देखते हुए अपने कान पकड़ कर कहा," सॉरी ना भाई। आप अपनी इस मासूम सी प्यारी सी बहन को माफ कर दीजिए प्लीज। अगली बार एसा बिल्कुल नहीं होगा। "
शौर्य ने नीर की तरफ़ देखा जो चेहरे पर मासूमयत लीए उसे देख रही थी। शौर्य ने अपना सर हीला दया और फिर नीर के कान पर से हाथ हटाते हुए कहा, "drama करने मे तो तुमने phd कर रखी है क्यु ?"
नीर कुछ कहती उससे पहले ही वहा ऋषि आ गया और उसने उन दोनों से कहा," अरे क्या बात हो रही है कोई मुझे भी तो बताओ।"
उसकी बात का जवाब देते हुए नीर ने कहा," कुछ खास नहीं ऋषि भाई बस हम तो शौर्य भाई को केह रहे थे कि वो आज बहुत handsome लग रहे है।"
नीर की बात सुनकर ऋषि ने कहा," हाँ वेसे केह तो तुम सही रही हो। वेसे लगना भी चाहिए आखिर एसे दिन बार बार थोड़ी आते हैं क्यु भाई?"
शौर्य कुछ बोलने वाला था तभी उसका फोन बजा। उसने फोन उठाया और कहा," कब आने वाला है तु? कहां रह गया?"
सामने वाले इंसान ने कुछ कहा और शौर्य का मूड खराब हो गया। उसने फिर बिना कुछ कहे फोन रख दिया। ऋषि ने उससे पूछा, " क्या हुआ भाई आप का मूड क्यु खराब हो गया?"
शौर्य ने कहा," उस इडियट की वज़ह से। "
ऋषि ने कुछ सोचते हुए कहा,"आपका मतलब कहीं अगम भाई से तो नहीं है?"
ये नाम सुनते ही नीर के चेहरे का रंग फीका पड गया पर उसने जल्द ही खुद को नॉर्मल कर दिया।
शौर्य ने कहा," हाँ उसी इडियट की वज़ह से खराब हो गया मूड। उसे मेने 2 महीने पहले शादी का invitation कार्ड भेजा था जिससे कि वो टाइम पर यहा आए पर जनाब अब फोन करके केह रहे हैं कि वो नही आ रहे हैं।"
उसकी बात सुनकर कोई कुछ कहता उससे पहले ही मैन गेट पर कुछ आवाज हुई और सब उस और चले गए। गेट पर आकर नीर ने देखा कि वहा पर पूरा राठौर परिवार खड़ा था और मीडिया वाले उनकी फोटो खींच रहे थे। राठौर परिवार जयपुर का सबसे नामी परिवार है। और साथ ही यशवंत जी इंडिया की सबसे बड़ी कंपनी राठौर इंडस्ट्री के मालिक भी है।
उनके साथ उनकी पत्नी शालिनी जी खड़ी थी और दूसरी तरफ उनका भाई योगेन्द्र और उसकी बीवी जानवी खड़े थे। साथ ही योगेन्द्र का बेटा धवल अपनी वाइफ कींजल के साथ खडा था और साथ ही मे धवल की बहन रितिका भी थी।
अमर जी और मीनाक्षी जी आगे आए और उन्होंने सब का स्वागत किया। दोनों ही फॅमिली एक दूसरे के साथ काफी अच्छे से मिली जुली है। अमर जी और यशवंत जी बहुत अच्छे दोस्त हैं।
शौर्य ने शालिनी जी से कहा," आंटी आपके बेटे मे ना बिलकुल भी दिमाग नहीं है।"
शालिनी ने उससे पूछा," क्यु क्या हो गया?"
शौर्य ने कहा," आपको पता है मेने उसे 2 महीने पहले शादी का invitation कार्ड भेजा था वो भी सबसे पहले पर देखो अब आने से मना कर दिया उसने।"
शालिनी ने थोड़ा नर्वस होते हुए कहा," अब तुम तो जानते ही हो उसे। आज तक उसने सुनी है किसीकी। हमेशा अपनी मनमानी ही तो करता है।"
शौर्य आगे कुछ कहता उससे पहले ही मीनाक्षी जी ने उनके पास आते हुए कहा," शौर्य बेटा सगाई की रस्मे शुरू होने वालीं है पंडित जी ने तुम्हें बुलाया है।" शौर्य ने अपना सर हिलाते हुए वहां से चला गया।
मीनाक्षी जी ने फिर नीर जो कि उनके पास ही खड़ी थी उससे कहा," नीर तुम भी जाओ और जल्दी से माही को लेकर आओ। " नीर ने अपना सर हिलाते हुए कहा," जी माँ।" और माही को बुलाने के लिए चली गई।
कुछ देर बाद almost सभी गेस्ट आ गए थे। स्टेज पर शौर्य माही के साथ खडा था। पूरा परिवार काफी खुश था। सारी रस्मे पूरी हो गई थी और फिर पंडित जी ने कहा कि अब आप दोनों एक दूसरे को रिंग पहना सकते है। पंडित जी के कहने पर नीर अपने हाथ में रिंग प्लैटर लेकर वहा आई । वो स्टेज पर चढ़ रही थी तभी उसका पेर फिसल गया। नीर ने अपनी आँखे बंध कर ली पर इससे पहले कि वो गिरती किसी ने उसे पीछे से पकड लिया। नीर ने धीरे से अपनी आँखे खोली। सब लोग काफी डर गए थे।
शौर्य ने नीर के पास आते हुए कहा," तुम ठीक हो?" नीर ने अपना सर हिला दिया और जिसने उसे बचाया उसे thanks कहने के लिए पीछे मुड़ी पर उस सामने खड़े शख्स को देख कर वो एकदम फ्रिज हो गई।


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